भारत सरकार का दिसंबर में आने वाला हाथी आकलन पूरी दुनिया में अनोखा होगा। इसमें सभी हाथियों की गणना के साथ उनकी विशिष्ट पहचान भी होगी। यह बिलकुल मनुष्यों की तरह ही बेहतरीन यूनिक आईडी सिस्टम यानी आधार कार्ड से लैस होंगे।
भारत में किसी बड़े जानवर को बेहतर यूनिक आईडी कार्ड देने की यह पहली कोशिश है। इसके तहत देश में 300 हाथियों का आधार उन्हें आवंटित किया जा चुका है। इससे हाथी का संरक्षण होगा और दुरुपयोग रुकेगा। देश में पालतू और जंगली हाथियों का पुख्ता डाटाबेस तैयार हो जाएगा। इसमें उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां इसी साल अप्रैल में ही पालतू हाथियों को शत प्रतिशत आधार समेत विशेष माइक्रोचिप से लैस किया गया है, ताकि इस शर्मीले पशु की पहचान के साथ उसका दुरुपयोग न हो सके।